Rooftop Solar पैनल क्या है? इसे लगवाने में कितना खर्च आएगा!
Rooftop Solar पैनल क्या है? इसे लगवाने में कितना खर्च आएगा!
जैसा कि आपको पता ही होगा कि आज के समय में सभी सरकारें सौर ऊर्जा को निश्चित रूप से बढ़ावा दे रहीं है और तरह तरह की योजनाएं भी बना रही है जिससे हर घर सौर उर्जा से जुड़ सके और पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाया जा सके ।
Rooftop Solar Panel सौर ऊर्जा का एक बेहतरीन और कारगार स्त्रोत है जिससे हम कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करके पर्यावरण को हो रहे हानि को कम करते है तथा बिजली बिल की भी बचत करते है।
आज के समय मे हर कोई अपने अपने घरो पर Rooftop Solar Panel लगा कर सौर ऊर्जा से जुड़ रहा है तथा सरकार के द्वारा चलाई गयी योजनाओं से जुड़ने पर (On Grid System) सब्सिडी भी प्राप्त कर रहा है।
आइए जानते है Rooftop Solar Panel (On Grid System) मे कौन कौन से उपकरण होते है?
सोलर पैनल:- Rooftop Solar System मे इसका बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि यह धूप मे सूर्य की रोशनी को लेकर बिजली मे बदलता है जिसे हम आवश्यकतानुसार प्रयोग मे लेते है। सोलर पैनल प्रदूषण नहीं फैलाते इससे पर्यावरण को लाभ होता है।
इन्वर्टर:- यह सोलर पैनल से बनाया गया DC बिजली को AC मे बदलती है क्योंकि हम अपने घरों,व्यवसायो में AC बिजली का ही प्रयोग करते है यह DC और AC के बीच मे कनेक्शन का कार्य करता है और हम अपने घरों मे लगे उपकरण जैसे पंखा, बल्ब, कूलर, मोटर, वातानुकूलक, हीटर, फ्रिज, और टेलीविजन इत्यादि का उपयोग कर सकते है। इन्वर्टर जो है सोलर सिस्टम के कार्य करने की क्षमता को भी मॉनिटर करता है और यह भी बताता है कि सिस्टम मे लगे सभी उपकरण ठीक तरह से कार्य करें।
स्ट्रक्चर:- सोलर सिस्टम मे माउंटिग सिस्टम का बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होता है यह सोलर पैनल को सुरक्षित और मजबूती प्रदान करता है।
स्ट्रक्चर लगवाते समय किन-किन बातो पर ध्यान देना चाहिए।
- स्ट्रक्चर लगवाते समय सबसे जरूरी बात है सही जगह को सुनिश्चित करे जहां स्ट्रक्चर मजबूत रहे और तेज हवा, भयंकर बारिश, जैसे सभी मौसमी बदलाव से स्ट्रक्चर पर कोई प्रभाव न पड़े और नुकसान से बचा जाए।
- स्ट्रक्चर लगवाते समय सही दिशा और कोण का भी चयन करना जरूरी है जिससे सूर्य का प्रकाश जितना ज्यादा हो सके हमारे सोलर पैनल पर पड़े और इसकी क्षमता को बेहतर बना सके।
- स्ट्रक्चर पैनल लगवाते समय ध्यान दे कि पैनल के नीचे हवा के आवागमन मे कोई रूकावट न हो जिससे पैनल ज्यादा गर्म न हो सके और उसकी कार्य क्षमता प्रभावित न हो।
- एक अच्छा स्ट्रक्चर जो है सोलर पैनल को कई कारकों से बचाता है जैसे की जंग, घर्षण, और मौसमी प्रभावों आदि। इससे सोलर पैनल लम्बे समय तक ठीक और सुरक्षित रहता है तथा ज्यादा से ज्यादा समय तक अच्छा कार्य करता रहेगा।
DCDB Box:- इसका मुख्य कार्य सोलर पैनल से प्राप्त DC करंट को ठीक से नियंत्रित और उसे वितरित करना होता है जिसमे फ्यूज, सर्किट ब्रेकर जैसे कई उपकरण होते है जो DC सर्किट का ओवरलोड, शॉर्ट सर्किट जैसे कई खतरो से सुरक्षा प्रदान करता है। यह सोलर पैनल को इन्वर्टर के समीप लगाया जाता है जिससे DC करंट को इन्वर्टर तक सुरक्षित भेजा सा सके।
ACDB Box:- इसका मुख्य कार्य सोलर पैनल से प्राप्त AC करंट को सही तरीके से नियंत्रित और उसे वितरित करना होता है और AC बिजली को घरों या उद्योगो के सभी उपकरणों तक भेजना होता है। इसमें भी फ्यूज, सर्किट ब्रेकर और कई सुरक्षा उपकरण लगे होते है जो AC सर्किट को ओवरलोड, शॉर्ट सर्किट जैसे कई खतरो से बचाते है। इसे सोलर इन्वर्टर के बाद और उपयोग किए जाने वाले उपकरणों से पहले लगाया जाता है।
Alternative Current Distribution Board & Direct Current Distribution Board का सोलर सिस्टम मे अहम भूमिका है यह सोलर सिस्टम की सुरक्षा और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करता है।
DC केबल:- इसका मुख्य कार्य सोलर पैनल से DC करंट को DCDB और उसके बाद इन्वर्टर मे सही तरीके से पहुंचाना होता है। क्योंकि सोलर पैनल से प्राप्त बिजली DC के रूप मे होती है इसे AC मे बदलने के लिए इन्वर्टर तक ले जाते है जहाँ एक अच्छी क्वालिटी की DC केबल की जरूरत होती है तथा सुरक्षित रूप से ट्रांसमिट कर सके जिससे कोई हानि भी न हो।
अब हम जानते है कि Rooftop Solar System को लगवाने मे कितना खर्च आएगा।
- 1 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹50,000/- से ₹70,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 4-5 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 2 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹160,000/- से ₹180,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 8-10 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 3 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹194,000/- से ₹214,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 12-15 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 4 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹240,000/- से ₹260,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 16-20 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 5 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹290,000/- से ₹310,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 20-25 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 6 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹320,000/- से ₹340,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 24-30 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 8 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹160,000/- से ₹180,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 32-40 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।
- 10 kW रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अनुमानित लागत: ₹490,000/- से ₹510,000/-
- घटकों में शामिल:- सोलर पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, ACDB & DCDB बॉक्स, DC केबल, वायरिंग, इन्स्टॉलेशन शुल्क और इलेक्ट्रिकल घटक आदि।
- ऊर्जा उत्पादन: 40-50 यूनिट प्रति दिन (लगभग)।

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